Musings

Selected poems by Dr R S Tiwari

आलोक प्रवाह (मकर संक्रांति)

देवत्व भाव

जाग

जाए,

अस्मिता पर

आँच

न आए,

तटस्थ भाव

में रमो

सदा ,

अंतर रोशन

हो

जाए |

डॉ शिखरेश तिवारी

14.01.2025

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