Musings
Selected poems by Dr R S Tiwari
सत्संग-सेवा,
पूजा-अर्चना
की बिसात
ही क्या ?
वासना-जनित
फरेबी कालिमा
सौर मंडल
तक से
मिटती नहीं |
डॉ शिखरेश | 27.01.2025
Δ
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