Musings
Selected poems by Dr R S Tiwari
अंतर से
तम मेरा
मिट जाए,
भ्रम
मेरे-तेरे का
मिट जाए ,
तटस्थ भाव
जैसे ही
हो जाग्रत ,
रूह हमारी
रोशन
हो जाए |
डॉ शिखरेश | 24.1.2025
Δ
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