Musings
Selected poems by Dr R S Tiwari
धरोहर दिव्यता की खोलती है द्वार
चिदाकाश के,
उग जाते हैं तब अनंत सूर्य तेज़-पुंज प्रकाश के ,
महोत्सव जीव ,जगत और माया का होता जीवंत ,
प्रगटीकरण अंतर संबंध धरा और आकाश के |
डॉ शिखरेश | 21.01.2025
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