Musings

Selected poems by Dr R S Tiwari

आलोक प्रवाह

जब इष्ट

अरु

अभीष्ट में

तादात्म्य हो,

जीवन

यात्रा

अधर से

अध्यात्म हो ,

उर भीतर

अंकुर

शांति का

फूटता,

स्व से

समष्टि का

अंतर में

अधिपत्य हो |

डॉ शिखरेश | 11.1.2025

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