Musings
Selected poems by Dr R S Tiwari
करुणा में जीवन बसता है,
जीवन भी प्रभु ही रचता है ,
फिर तू क्यों बौराया फिरता ,
आक्रोशित रास रचाता है ?
डॉ शिखरेश | 8.1.2025
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