Musings

Selected poems by Dr R S Tiwari

आलोक प्रवाह

हे प्रभु!

तूने जो

कृपा

करी है,

अच्छाई

अरु

बुराई में

ठनी है,

तेरी

मेहर से

गंतव्य

मिलेगा ,

बात यही

मैंने

स्व ध्यान

धरी है |

डॉ शिखरेश | 7.1.2024

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