Musings
Selected poems by Dr R S Tiwari
जब उसने निर्मलता बेच दी,
दिव्यता ने भी पीठ मोड़ ली,
कपटासुर ने थामा दामन ,
अनीति ने तब टाल ठोंक दी |
डॉ शिखरेश | 3.2.2025
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