Musings
Selected poems by Dr R S Tiwari
न जाने
वक्त कब
बदल जाए ,
घमंड
चूर-चूर
कर जाए ,
तटस्थ भाव
लिए
चलता चल
अरु बस तू
गुरुमुख
हो जाए |
डॉ शिखरेश | 30.1.2025
Δ
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