Musings

Selected poems by Dr R S Tiwari

आलोक प्रवाह

विषय विकार

करते

हमको अस्थिर,

मन,बुद्धि, चित्त

नहीं रहते

स्थिर,

यदि हो जाए

नियंत्रण

इन सब पर,

बजे रागिनी

सप्त स्वरों की

उर भीतर |

डॉ शिखरेश | 13.02.2025

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