Musings

Selected poems by Dr R S Tiwari

आलोक प्रवाह

अंततः जीत यथार्थ की होती है,

कूट-रचित तो कहानी होती है ,

भँवर बीच डटकर खड़ा रहा जो ,

पतवार पार उसी की होती है |

डॉ शिखरेश | 14.02.2025

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