Musings
Selected poems by Dr R S Tiwari
अतिवाद अपरिमेय होता है,
अविवेक आमंत्रण होता है ,
हर दुष्कर्म पर कर अट्टहास,
घुटन-मरण का वरण होता है |
डॉ शिखरेश | 16.2.2025
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