Musings
Selected poems by Dr R S Tiwari
भले संग साथ अनीति भी होती है,
अंततः जीत सच्चे मीत की होती है ,
स्वार्थ की पट्टी बाँध ली जब आँखों पर,
कृतज्ञता स्वतः ही पीठ मोड़ लेती है |
डॉ शिखरेश | 22.2.2025
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