Musings

Selected poems by Dr R S Tiwari

आलोक प्रवाह

संदर्भों के

साए में

जीवन बीता,

पर घट

मन का रहा

रीते का रीता,

किया जब

चिंतन और

आत्मावलोकन,

मन-मंथन से

मिला तत्व

अमृत सरीखा |

पान कर जिसको

दिखा

एक झरोखा,

जिसमें था रहस्य

जन्म-मृत्यु का

अनोखा ||

डॉ शिखरेश | 25.02.2025

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