Musings

Selected poems by Dr R S Tiwari

आलोक प्रवाह – Mar 7

अंततः सब

मिट्टी में

मिल

जाना है ,

केवल

कर्मों का फल

रह

जाना है,

‘अब’,’तब’

अरु

‘अब न तब’

की तर्ज़ पर ही

गाया

जाता,

जीवन का

तराना है |

डॉ शिखरेश | 7.3.2025

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