Musings

Selected poems by Dr R S Tiwari

आलोक प्रवाह – Mar 10

संतति के

बहशीपन पर

जब परिवार

अंधा हो जाए,

कृष्ण सरीखे

लाख समझाएं

फिर भी बात

न बन पाए,

तब तो

सिर्फ और सिर्फ

महाभारत का

बिगुल बजता है ,

युगों-युगों तलक

इतिहास

काले पन्नों से

रंग जाए |

डॉ शिखरेश | 10.3.2025

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