Musings
Selected poems by Dr R S Tiwari
अविरल,अविराम चलती
रही ज़िन्दगी ,
सहलाती गई हर ग़म सदा
वंदगी ,
बस नेक नीयत संग कर्म का
कौशल
महकाए प्रभु मेहर ,पल-पल
ज़िन्दगी |
डॉ शिखरेश | 11.03.2025
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