Musings
Selected poems by Dr R S Tiwari
शांत भाव से उपजता समन्वय,
नहीं जरूरत होती फिर अन्वय ,
संयम संग बनता नीति निधान ,
प्राण प्रतिष्ठित मूरत ज्योतिर्मय |
डॉ शिखरेश | 13.03.2025
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