Musings

Selected poems by Dr R S Tiwari

आलोक प्रवाह – Mar 13

शांत भाव से उपजता समन्वय,

नहीं जरूरत होती फिर अन्वय ,

संयम संग बनता नीति निधान ,

प्राण प्रतिष्ठित मूरत ज्योतिर्मय |

डॉ शिखरेश | 13.03.2025

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