Musings

Selected poems by Dr R S Tiwari

आलोक प्रवाह :

संदर्भित मुस्कान कुछ तो याद दिलाती है,
उप-चेतना तब अतीत की सैर कराती है,
वर्तमान की जटिलता रह-रह कर उर भीतर,
नवाचार संग सपनों में पंख लगाती है l

डॉ शिखरेश l 8.8.2025

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