Musings
Selected poems by Dr R S Tiwari
सत्यालोक से प्रकाशित जन-जीवन हो,भटकी मानवता का अनुशासित मन हो,कपट और क्रूरता के कीचड़ से निकलइंसान और ईमान में न अनबन हो l
डॉ शिखरेश l 13.08.2025
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