Musings

Selected poems by Dr R S Tiwari

आलोक प्रवाह :

सत्यनिष्ठा से होती
जीवन नैया पार ,
छल,कपट अरु झूठ
न देखने दे आर-पार,
स्वार्थ संग वासना में
अंधा हो इंसान ,
बदलता गिरगिट-सा रंग
हर दिन बार-बार l

डॉ शिखरेश l 21.08.2025

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