Musings
Selected poems by Dr R S Tiwari
सिद्धांत और समृद्धि का तो गहरा नाता है,इसे न माने,उससे विधाता रूठ जाता है ,नेक-नीयत अरु सुकर्म गंतव्य- द्वार खोलतेऔर फ़िर कारवां आगे बढ़ता ही जाता है l
डॉ शिखरेश l 30.08 2025
Δ
Leave a comment