Musings

Selected poems by Dr R S Tiwari

आलोक प्रवाह :

संकल्पित सदभाव सजाता है,
जब घर-आंगन ,
गंतव्य मार्ग सुगंधित करे है,
तब पुष्पित मन,
बीते सारे ग़म,अनुभव की
नई लकीर खींच ,
लिखते सपनों की नई इबारत
रात और दिन l

डॉ शिखरेश l 8.9.2025

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