Musings

Selected poems by Dr R S Tiwari

आलोक प्रवाह :

सामर्थ्य और समन्वय का संगम सुखद होता है,
सांसारिक समायोजन बिन जीवन दुखद होता है ,
अहंकार समर्पण को कमजोरी समझ जब रौंदे ,
भविष्य तब अंधकारमय और दुखद ही होता है l

डॉ शिखरेश l 13.9.2025

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