Musings

Selected poems by Dr R S Tiwari

आलोक प्रवाह :

यथार्थवाद अरु भौतिकवाद में गहरा नाता है,
पर भौतिकता को यथार्थ का अस्तित्व न भाता है,
दोनों के बीच सदा अनकही जंग जारी रहती ,
कोई तूफान यथार्थ का दीप बुझा न पाता है l

डॉ शिखरेश l 21.09.2025

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