Musings

Selected poems by Dr R S Tiwari

आलोक प्रवाह :

सत्य और सदभाव से शांति स्थापित होती है,
विद्रूपता और घृणा स्वतः विस्थापित होती है ,
अंतर में जब शिवम,सुंदरम रोशन हो जाए,
आलोकित रुह की आभा तभी उदित होती है l

डॉ शिखरेश l 28.09.2025

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