Musings
Selected poems by Dr R S Tiwari
सुसंगत संदर्भ सदा समीचीन होता है,तार्किक भाववाद तो नवीन ही होता है,संकल्पित सद प्रयास से उत्पन्न ज्ञान सेअर्वाचीन अवधारणा का जन्म होता है l
डॉ शिखरेश l 30.09.2025
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