Musings

Selected poems by Dr R S Tiwari

आलोक प्रवाह :

आस से तो आसमान होता है,
निराशा में घमासान होता है,
अंतर-दीप्त विश्वास के दीप से
सारा जहां ही रोशन होता है l

डॉ शिखरेश l 4.9. 2025

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