Musings
Selected poems by Dr R S Tiwari
किंकर्तव्यविमूढ़ नहीं होना है,पाकर सामर्थ्य कभी न खोना है,भौतिकता अरु निष्ठा की जंग में,प्रतिबद्ध ज़मीन कभी न खोना हैl
डॉ शिखरेश l 6.10.2025
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