Musings
Selected poems by Dr R S Tiwari
शाश्वत मूल्यों मेंसदा प्रगतिसमाहित होती है,नैतिक अवमूल्यन सेमानवताआहत होती है,भौतिकता कीअंधी दौड़ सेउत्पन्न अशांति ,वैश्विक बिखरावऔर अनर्थ कीआहट होती है l
डॉ शिखरेश l 12.10.2025
Δ
Leave a comment