Musings

Selected poems by Dr R S Tiwari

आलोक प्रवाह :

यथार्थ अरु स्वार्थ को पहचानो,
अंतर में हर रोज दिवाली होगी l
निस्वार्थ दुःख-दर्द बाँट कर तो देख,
गुरु-कृपा की बरसात होगी l l

डॉ शिखरेश l 21.10.2025

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