Musings

Selected poems by Dr R S Tiwari

आलोक प्रवाह :

ईमान जीवन की अजेय कला है,
नैतिक दर्शन भी इसी पर टिका है,
उठें बवंडर,चलें आंधियां अनेक,
दीपक ईमान का कभी न बुझा हैl

डॉ शिखरेश l 26.10.2025

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