Musings

Selected poems by Dr R S Tiwari

आलोक प्रवाह :

सत्य-समंदर में सदा मोती ही होते हैं,
फ़रेब के मरुस्थल में कंकड़ ही होते हैं,
सुसंगति से महकते जीवन -उद्यान में सदा
संकल्पित सुगंधित फल शाश्वत ही होते हैं l

डॉ शिखरेश l 31.10.2025

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