Musings

Selected poems by Dr R S Tiwari

आलोक प्रवाह :

संवेदना संग अभिनव प्रयोगवाद छल होता है,
स्वार्थ अरु धोखे की नींव पे प्रेम निष्फल होता है,
संकल्प के हवन- कुण्ड में यकीन की आहुति देना,
मानवी संबंधों का गला घोंटना ही होता है l

डॉ शिखरेश l 7.11.2025

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