Musings

Selected poems by Dr R S Tiwari

आलोक प्रवाह :अश्रुपूरित नयन तो सदा ही अपनों को याद करते हैं,बेचैन हो हम हर रोज़ खुद से ही परिवाद करते  हैं ,सपने,अपने अरु आंसू सदा इक दूजे के पूरक बन, जीवन-यात्रा के अनगिनत पड़ाव पार किया करते हैं lडॉ शिखरेश l 9.11.2025

Leave a comment