Musings

Selected poems by Dr R S Tiwari

आलोक प्रवाह :

जब सत्य संदर्भित होता है,
प्रायः जगत अचंभित होता है,
सत्य संग न्याय के उत्सव से ,
दीप-आस्था ज्योतित होता है l

डॉ शिखरेश l 15.11.2025

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