Musings

Selected poems by Dr R S Tiwari

आलोक प्रवाह :

यथार्थ संग सत्य-पथ मंज़िल तक ले जाता है,
अनगिनत कष्ट सहकर अभीष्ट पा ही जाता है,
मंतव्य अरु गंतव्य के बीच इंसानी सफ़र,
कर्मयोग का धवल कीर्तिमान बना जाता है l

डॉ शिखरेश l 17.11.2025

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