Musings

Selected poems by Dr R S Tiwari

आलोक प्रवाह :

दूरदर्शिता संग सक्रियता उस दुआ के समान है,
निहित जिसमें धरा से गगन के बीच का अरमान है,
नवाचार के सभी उपक्रम होते हैं इनसे पूरे,
जीवन-संग्राम में रहता उद्वेलित घमासान है l

डॉ शिखरेश l 21.11.2025

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