Musings

Selected poems by Dr R S Tiwari

आलोक प्रवाह :

सत्य-समंदर में डूबे,उतराए , मोती खोज के लाए,
चीर अंधेरों को सारे,बाधाओं से हाथ मिला आए ,
दरकार नही रही साधनों की, संयम अरु साधना के बल,
धरा से आसमान तक की अभिलाषाएं पूरी कर आए l

डॉ शिखरेश l 27.11.2025

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