Musings

Selected poems by Dr R S Tiwari

आलोक प्रवाह :

ज्ञापित ज्ञानोदय से चिदाकाश पाना है,
गुरु कृपा से धरा पर नव-प्रकाश लाना है,
मन,वचन,कर्म की लय और गति को कर एक,
अंतर ज्योतित-पुंज में अवस्थित होना है l

डॉ शिखरेश l 30.11.2025

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