Musings

Selected poems by Dr R S Tiwari

आलोक प्रवाह :

सुसंकल्पित यात्रा में संचार शौर्य का होता है ,
भय और थकान का तो नामो- निशान नहीं होता है ,
बाधाएं उत्सव-सम उत्साह जनित उत्प्रेरक बनतीं,
कर्मयोग द्विगुणित फलीभूत मंज़िल-गामी होता है l

डॉ शिखरेश l 2.12.2025

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