Musings
Selected poems by Dr R S Tiwari
सर्व कल्याण में ही स्व- कल्याण निहित है,सर्वे भवन्तु सुखिन: की कामना विहित है lव्यष्टि से समष्टि की अवधारणा में तभीसत्य सनातन का स्वर अरु स्वरूप निहित है l l
डॉ शिखरेश l 6.12.2025
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