Musings
Selected poems by Dr R S Tiwari
सौहार्द- संतुलन में शांति है,वैमनस्य में भय अरु भ्रांति है,सामासिक संस्कृति में है मूल,वैर भाव में निहित अशांति है l
डॉ शिखरेश l 8.12.2025
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