Musings

Selected poems by Dr R S Tiwari

आलोक प्रवाह :

अभिसिंचित संतति का है संस्कार,
देती कीर्ति- शेष को नव- आकार,
लहराए ध्वजा पीढ़ी-दर-पीढ़ी,
स्वर्णाक्षरों में अंकित अलंकार l

डॉ शिखरेश l 10.12.2025

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