Musings

Selected poems by Dr R S Tiwari

Hindi

  • संकल्प भाव जब प्रबल हो जाए , लोभ-लालच दिग्भ्रमित न कर पाए, गुरू कृपा से हो हर राह रोशन, भ्रम और भय फिर कभी न सताए | डॉ शिखरेश | 25.2.2025 Read more

  • परम सत्ता,सत्य और नेक नीयत सत्यम,शिवम ,सुंदरम का योग है | जीव,जगत औऱ माया का खेल जीते जो गणित,वह कर्म योग है || डॉ शिखरेश | 24.2.2025 Read more

  • जब अकथ्य कथनीय हो जाता है , रिश्तों में तब ज़हर घुल जाता है , सहनशीलता का क्षितिज पार कर, बादल विक्षोभ का फट जाता है | डॉ शिखरेश | 23.02.2025 Read more

  • भले संग साथ अनीति भी होती है, अंततः जीत सच्चे मीत की होती है , स्वार्थ की पट्टी बाँध ली जब आँखों पर, कृतज्ञता स्वतः ही पीठ मोड़ लेती है | डॉ शिखरेश | 22.2.2025 Read more

  • लौकिक को अलौकिक समझना भूल है, पंखुरी के भीतर छुपा यह शूल है जब बांधी पट्टी तीसरे नेत्र पर भी , सुखद भविष्य की कामना निर्मूल है | डॉ शिखरेश | 19.2.2025 Read more

  • जब कर्तव्य विमुखता भाने लग जाती है, निर्लज्ज जिंदगी तब नीरवता लाती है , अंतर दर्शन के हो जाते तब द्वार बंद, आत्म-मुग्धता दुष्कर्मों को सहलाती है | डॉ शिखरेश | 18.02.2025 Read more

  • अतिवाद अपरिमेय होता है, अविवेक आमंत्रण होता है , हर दुष्कर्म पर कर अट्टहास, घुटन-मरण का वरण होता है | डॉ शिखरेश | 16.2.2025 Read more

  • तुमने??

    अनगिनत आशाओं संग जागकर बाट तुम्हारी ही जोहते रहे , तुमने दिए थे जो ग़म के बादल , तीरगी उनकी हम चीरते रहे | डॉ शिखरेश | 10.2.2025 Read more

  • भ्रामक असत्य इतिहास नहीं बनाता, छल-कपट कभी भी साथ नहीं निभाता, सुमिरन-ध्यान से उपजा अविरल प्रकाश दुरूह जीवन का अंधकार मिटाता | डॉ शिखरेश | 9.2.2025 Read more

  • अंततः जीत यथार्थ की होती है, कूट-रचित तो कहानी होती है , भँवर बीच डटकर खड़ा रहा जो , पतवार पार उसी की होती है | डॉ शिखरेश | 14.02.2025 Read more