Musings

Selected poems by Dr R S Tiwari

Hindi

  • न जाने वक्त कब बदल जाए , घमंड चूर-चूर कर जाए , तटस्थ भाव लिए चलता चल अरु बस तू गुरुमुख हो जाए | डॉ शिखरेश | 30.1.2025 Read more

  • जब कथनी और करनी हो एक नदी,सरोवर और सागर एक जीवन का अलौकिक देवत्व भाव आलोकित हो पहुँचे द्वार एक | डॉ शिखरेश | 31.01.2025 Read more

  • अन्यत्र नहीं अंतर में झाँको , अनुत्तरित सवालों को पूछो , सारे जवाब मिल जाएंगे , एकाग्र चित्त होकर तो सुनो | अंतस्तल तेज़ पुंज रोशन , महके है उर-भीतर उपवन, ज्ञानेन्द्रिय खोल के तो देख, कर ‘स्व’ में विराट ‘समष्टि’ दर्शन | डॉ शिखरेश | 2.2.2025 Read more

  • जब उसने निर्मलता बेच दी, दिव्यता ने भी पीठ मोड़ ली, कपटासुर ने थामा दामन , अनीति ने तब टाल ठोंक दी | डॉ शिखरेश | 3.2.2025 Read more

  • मेरी चाह तो अखंड में बसती, अनंतिम लालसा कभी न जन्मती, न सुहाता मुझे टुकड़ों में जीना , उड़ान एकाकी प्राप्ति को भरती | डॉ शिखरेश | 07.02.2025 Read more

  • अस्तित्व प्रेम का मिट सकता नहीं, दिया बिन तेल के जल सकता नहीं, करो तुम चाहे अब लाख कोशिशें, लेख कर्म का जो,मिट सकता नहीं | डॉ शिखरेश | 8.2.2025 Read more

  • करो संकल्प सुसज्जित,प्रकल्प बनाओ, विकल्पों से दूर,ध्रुव तारा बन जाओ, करो सामना तुम डटकर जीवन-रण का , पद-चिह्नों की नई इबारत लिख जाओ| डॉ शिखरेश | 5.2.2025 Read more