Musings

Selected poems by Dr R S Tiwari

  • जब अस्मिता के बीज़ से उपजा नवांकुर वट-वृक्ष बनता है, तब स्व से समष्टि के सप्त स्वरों को गुंजायमान करता है | डॉ शिखरेश | 20.01.2025 Read more

  • धरोहर दिव्यता की खोलती है द्वार चिदाकाश के, उग जाते हैं तब अनंत सूर्य तेज़-पुंज प्रकाश के , महोत्सव जीव ,जगत और माया का होता जीवंत , प्रगटीकरण अंतर संबंध धरा और आकाश के | डॉ शिखरेश | 21.01.2025 Read more

  • Be the Model…

    Be brave and fiight the race , He ‘ll surely shower His grace. In-vain is to cry over the past , As it ‘ll just add on the blast . Worry not for upcoming future , Just better the present nurture . Done is done ,can’t be undone , Yet can be learnt by some Read more

  • अंतर से तम मेरा मिट जाए, भ्रम मेरे-तेरे का मिट जाए , तटस्थ भाव जैसे ही हो जाग्रत , रूह हमारी रोशन हो जाए | डॉ शिखरेश | 24.1.2025 Read more

  • अस्मिता गणतंत्र की दिखानी है, कीर्ति सनातन की फैलानी है, दिव्य-धरोहर को सहेजकर आज, राष्ट्र हित में एकता दिखानी है | जात-पाँत,ऊँच-नीच का भेद मिटाकर, दलगत वैर-भाव से अब ऊपर उठकर, आम जन-जीवन को सुगम बनाना है, अब घर-घर गणतंत्र दिवस मनाना है | मन,वचन,कर्म से संकल्प हमारा , शिरोधार्य है संविधान हमारा, सामासिक-संस्कृति के Read more

  • जो ज़ख्म दूसरों को देकर सोते हैं, जब भी जागते हैं, हर हाल रोते हैं , ये तो उनका महज अज्ञान-जनित भ्रम हैं , कर्म -वृक्ष फलते फूलते नहीं हैं | अकाट्य होते हैं कर्मों के फल, विधि का विधान, आज नहीं तो कल | डॉ शिखरेश | 26.01.2025 Read more

  • सत्य सनातन अंतर्दशन है, संपूर्ण जगत आराधन है , जड़,चेतन से ऊपर उठकर, प्रभु सत्ता का अनुशासन है | डॉ शिखरेश | 27.01.2025 Read more

  • सत्संग-सेवा, पूजा-अर्चना की बिसात ही क्या ? वासना-जनित फरेबी कालिमा सौर मंडल तक से मिटती नहीं | डॉ शिखरेश | 27.01.2025 Read more

  • Enlightened Effusion

    Spiritual practice is an intrinsic ascending journey That opens the doors within doors beyond all agony . The path is so pious ,pure and quite crytal clear That leads to the solar zone of innumerable Suns rare . Dr R S Tewari ‘ Shikhresh’ 29.01.2025 Read more

  • न जाने वक्त कब बदल जाए , घमंड चूर-चूर कर जाए , तटस्थ भाव लिए चलता चल अरु बस तू गुरुमुख हो जाए | डॉ शिखरेश | 30.1.2025 Read more