Musings

Selected poems by Dr R S Tiwari

आलोक प्रवाह :

संचेतना से
तमस को
दूर भगाना है ,
भय और भ्रमजाल से
छुटकारा
पाना है,
खोलकर द्वार
अंतर-आलोकित
ज्योतिपुंज के ,
परब्रह्म सत्ता संग
एकीकृत
हो जाना है l

डॉ शिखरेश l 12.12.2025

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