Musings
Selected poems by Dr R S Tiwari
दृढ़ता संग दामन आशा का थाम,आगे बढ़ना है,स्वाभिमान से कोई भी समझौता, कभी न करना है ,उठें बवंडर,चलें आँधियाँ, संयम व साधना के बल ,नव-द्वार खोल नवाचार के, गंतव्य प्राप्त करना है।
डॉ शिखरेश। 13.08.2026
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